परिचय बोकारो जिला भारत का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक जिला है। भारत के झारखंड राज्य में चौबीस जिलों में से यह एक है। 1991 में धनबाद जिला के दो ब्लॉक और गिरिडीह जिला छह ब्लॉक को मिलकर इसकी स्थापना कि गयी थी। जिले की आबादी लगभग 2 लाख है (2011 की जनगणना)। जिले का मुख्यालय बोकारो इस्पात शहर है जो 2883 वर्ग कि.मी. के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। समुद्र तल से इस शहर की दूरी करीब 210 मीटर की है। यह शहर अपने शिक्षा की गुणवत्ता और लुगु बुरु (संथाल समुदाय के पिता) के लिए सबसे अधिक जाना जाता है। उपायुक्त (डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट/ कलेक्टर) इस जिले का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होता है। इस्पात शहर – कारखानों की नगरी बोकारो अपने इस्पात संयंत्र जो कि एशिया में सबसे बड़ा है, के लिए प्रसिद्ध है। यह सोवियत मदद से निर्मित भारत में चौथा एकीकृत सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात संयंत्र है। यह इसकी गुणवत्ता शिक्षा प्रणाली के लिए भी प्रसिद्ध है। इसके अलावा, यह भी पूर्वी क्षेत्र से लोगों को और भी विदेशियों के लिए एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। जैसे बोकारो घरों कंपनियों को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया, भारत रेफ्रेक्ट्रीज लिमिटेड, हिंदुस्तान स्टीलवर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, दामोदर घाटी निगम की सहायक कंपनियों कोल इंडिया लिमिटेड, लिमिटेड इलेक्ट्रोस्टील कास्टिंग्स, बोकारो पावर सप्लाई कंपनी प्रा. लिमिटेड (BPSCL), इंडियन एक्सप्लोसिव लिमिटेड, जेपी ग्रुप, तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम और बहुत ज्यादा है। कुछ बड़ी कंपनियों ने भी इस तरह के रूप में, यहाँ वहाँ उद्योगों की स्थापना कर रहे हैं - आर्सेलर मित्तल 12ml / टी इस्पात संयंत्र, पॉस्को 3ml / टी स्टील प्लांट और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट की 12 मिलीग्राम / टी शहर के चारों ओर जल्द ही आ रहे हैं। बोकारो औद्योगिक क्षेत्र राज्य सार्वजनिक क्षेत्र BIADA (बोकारो औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) द्वारा स्थापित बोकारो इस्पात नगर में स्थित है। लगभग 500 लघु उद्योग इकाइयों को इस औद्योगिक क्षेत्र में स्थित हैं और वे अच्छे आधारभूत समर्थन बोकारो स्टील सिटी कर रहे हैं भी छोटा नागपुर डिवीजन के पुलिस मुख्यालय है। जिले में वर्तमान का एक हिस्सा है लाल गलियारा। बोकारो शहर और महानगरीय क्षेत्र झारखण्ड राज्य (भूतपूर्व दक्षिण-पूर्वी बिहार राज्य), पूर्वोत्तर भारत में स्थित है। इसका पूरा नाम बोकारो इस्पात नगर है। बोकारो और दामोदर नदियों से लगा यह शहर भारत के विशालतम लौह और इस्पात संयंत्रों में से एक के ठीक पश्चिम में स्थित है। बोकारो स्टील प्लांट 1967 में कारख़ाने का निर्माण-कार्य प्रारंभ हुआ और 1972 में पहली वात्या-भट्टी (ब्लास्ट फ़र्नेस) का उद्घाटन हुआ। सोवियत सहायता से यह संयंत्र 1980 के दशक में बनकर तैयार हुआ। इसके समीप ही कोयले की बड़ी खदानें हैं। संयंत्र के कर्मचारियों को आवासीय और सामुदायिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए बोकारो शहर का निर्माण किया गया था। बोकारो को स्टील प्लांट के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है। जनसंख्या 2001 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र की जनसंख्या 36,419 और बोकारो इस्पात नगर की कुल जनसंख्या 3,94,173 है। व बिकारो ज़िले की कुल जनसंख्या 17,75,961 है। पर्यटन प्लांट के अलावा भी यहाँ अनेक पर्यटक स्थल हैं जो बड़े पैमाने पर पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। जवाहरलाल नेहरू पार्क, तेनुघाट, बोकारो इस्पात पुस्तकालय और सिटी पार्क इसके प्रमुख पर्यटक स्थल है। वर्ष में यहाँ पर अनेक उत्सव भी मनाए जाते हैं। इन उत्सवों में बोकारो की संस्कृति की अनुपम छटा देखी जा सकती है। पर्यटक चाहें तो इन उत्सवों में भाग भी ले सकते हैं। जवाहरलाल नेहरू बायोलॉजिकल पार्क बोकारो झारखंड के शहर बोकारो में कई पर्यटन स्थल है जिनमें से ये एक है। बोकारो के सेक्टर 5 में जवाहर लाल नेहरू बायोलॉजिकल पार्क की स्थापना की गई है। इस पार्क में विभिन्न प्रजातियों के पशु-पक्षियों को देखा जा सकता हैं। पशु-पक्षियों के अलावा इस पार्क में एक्वेरियम भी है जो इस पार्क का मुख्य आकर्षण है। यह एक्वेरियम पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। पार्क की सैर करने के अलावा भी बोकारो में घूमने के लिए बहुत कुछ है। इन पर्यटक स्थलों में सिटी पार्क, बाबूडीह, चन्द्रपुरा और तेनुघाट प्रमुख हैं। पारसनाथ पहाड़ी पारसनाथ पहाड़ी झारखंड राज्य के बोकारो शहर में स्थित है। बोकारो में कई पर्यटन स्थल हैं, जिनमें से पारसनाथ पहाड़ी भी एक है। झारखंड राज्य की यह सबसे ऊँची पहाड़ी है। गिरिडीह स्थित इस पहाड़ी की ऊँचाई लगभग 4,440 फीट है। ये पूरी पहाड़ी जंगल से घिरी हुई है। पारसनाथ पहाड़ी की प्राकृतिक छटा बहुत ही अद्भुत है। इस पहाड़ पर जैन धर्म का सबसे प्रमुख धार्मिक स्थल है। दामोदर नदी और गरगा नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थित बोकारो प्राकृतिक रूप से बहुत ख़ूबसूरत है। प्रकृति ने इसे अपनी अनमोल देन नदियों और पहाड़ियों से सजाया है। पहाड़ के शिखर पर जैन धर्म के 20 तीर्थंकारों के चरण चिह्न अंकित हैं। इस पहाड़ी को सम्मेद शिखर कहा जाता है। तीर्थंकरों के चरण चिह्नों को 'टोंक' कहा जाता है। कहा जाता है कि यहाँ जैनियों के 20वें से 24वें तीर्थंकरों ने निर्वाण प्राप्त किया था। यहाँ जैनियों के श्वेताम्बर और दिगम्बर दोनों ही पन्थों के मन्दिर बने हुए हैं। यह स्थान मधुबन के नाम से भी विख्यात है। इसका निर्माण आर्कियन युग की चट्टानों से हुआ है। पारसनाथ के पठार में विभिन्न प्रकार खनिज पदार्थ पाए जाते हैं। यहाँ पाए जाने वाले खनिजों में लोहा, मैंगनीज़ तथा डोलोमाइट प्रमुख है। बोकारो इस्पात पुस्तकालय बोकारो इस्पात पुस्तकालय में विभिन्न विषयों की लगभग 40,000 पुस्तकें हैं। झारखंड राज्य के शहर बोकारो में कई पर्यटन स्थल है जिनमें से ये एक है। पर्यटकों के अलावा बोकारो में पुस्तक प्रेमियों के लिए भी विकल्प है। उनके लिए यहाँ पर बोकारो निवास में बोकारो इस्पात पुस्तकालय का निर्माण किया गया है। जिले की जानकारी उप प्रखंड का नाम प्रखंड का नाम नजदीकी रेलवे स्टेशन क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी. में पंचायतों की संख्या गाँव की संख्या चास चास बोकारो स्टील सिटी 537.6 56 144 चंदनकियारी भोजुडीह 370.7 38 128 बेरमो जरीडीह तोपकादीह 207.7 17 42 कसमार तोपकादीह 195.3 15 68 पेटरवार गोला रोड 305.8 23 65 गोमिया गोमिया 630.6 36 135 बेरमो बेरमो 165.7 19 10 नवाडीह गोमिया 371.8 24 69 चन्द्रपुरा चन्द्रपुरा n 23 31 कुल 251 692 बोकारो से कुछ महत्वपूर्ण जगहों की दूरी जगहों का नाम दूरी (कि.मी. में) बोकारो- चास उप-प्रखंड मुख्यालय 12 बोकारो – बेरमो वाया तेनुघाट उप-प्रखंड मुख्यालय 60 बोकारो – चास प्रखंड मुख्यालय 4 बोकारो- चंदनकियारी प्रखंड मुख्यालय 37 बोकारो- जरीडीह प्रखंड मुख्यालय 18 बोकारो – कसमार प्रखंड मुख्यालय 35 बोकारो – पेटरवार प्रखंड मुख्यालय 35 बोकारो – गोमिया प्रखंड मुख्यालय 70 बोकारो – बेरमो प्रखंड मुख्यालय 30 बोकारो – नवाडीह प्रखंड मुख्यालय 55 बोकारो – चन्द्रपुरा प्रखंड मुख्यालय 15 अन्य महत्वपूर्ण जगहों से बोकारो की दूरी जगहों का नाम दूरी (कि.मी. में) बोकारो – रांची 115 बोकारो – धनबाद 45 बोकारो - हज़ारीबाघ 105 बोकारो - गिरिडीह 100 बोकारो – पुरुलिया 52 बोकारो – जमशेदपुर 125 बोकारो – पटना 350 बोकारो – कोलकाता 550 बोकारो – वाराणसी 450 बोकारो – रामगढ़ 75 स्त्रोत: जिला आधिकारिक वेबसाइट बोकारो , झारखण्ड सरकार