जीवन परिचय- रोबर्ट हूके बायोग्राफी हिंदी में इन्होंने वैज्ञानिक क्रांति में अपने प्रायोगिक एवं सैद्धांतिक कार्यों के योगदान द्वारा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। इसके अलावा हुक ने कई छोटे बड़े लेंसो की सहायता से कंपाउंड माइक्रोस्कोप भी तैयार किया जीवन परिचय- रोबर्ट हुक बायोग्राफी हिंदी में इन्होंने वैज्ञानिक क्रांति में अपने प्रायोगिक एवं सैद्धांतिक कार्यों के योगदान द्वारा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। इसके अलावा हुक ने कई छोटे बड़े लेंसो की सहायता से कंपाउंड माइक्रोस्कोप भी तैयार किया ल्युवेन्होक ने उस समय तक लगभग 400 माइक्रोस्कोपिक लेंस बना लिए थे लेकिन वह किसी भी कीमत पर एक भी लेंस किसी को देने के लिए तैयार नहीं थे। हुक ने दो-दो, तीन-तीन लेंस मिलाकर कुछ कंपाउंड माइक्रोस्कोप तैयार किए, और जो कुछ उनके द्वारा प्रत्यक्ष किया उसके रेखाचित्र भी तैयार किए। हुक ने माइक्रोस्कोप की रचना का एक सिद्धांत तथा कार्य सार्वजनिक कर दिखाया, किंतु इतिहास सूक्ष्मेक्षण-विज्ञान का जनक ल्युवेन्होक को ही मानता है। रॉबर्ट हुक ने 1676 में यांत्रिक युक्तियों को किसी बल द्वारा विकृत करने के बारे में एक सामान्य बात कही जो लम्बाई में परिवर्तन (विकृति) और लगाये गये बल के सम्बन्ध में है। हुक ने अपना ‘इलॅस्टिसिटी का नियम’ अपने एक वैज्ञानिक निबंध मे बिल्कुल ही दूसरे अभिप्राय से किया था। उन्होने स्प्रिंग-रेग्युलेटेड घड़ी पर भी बहुत काम किया था। बाद मे वह रॉयल सोसाइटी के सेक्रेटरी नियुक्त किए गये, लेकिन 1682 में उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी। स्त्रोत -