विद् - विन्द् (६ उ. प.) आ.प. विद् - विन्द् (६ उ. प.) आ.प. - मिळविणे आ + दिश् (६ उ.प.) प.प. आ + दिश् (६ उ.प.) प.प. - सांगणे, आज्ञा करणे आ + दिश् (६ उ.प.) आ.प. आ + दिश् (६ उ.प.) आ.प.- सांगणे, आज्ञा करणे हिंस् (७ प. प.) हिंस् (७ प. प.) - ठार करणे छिद् (७ उ.प.) प.प. छिद् (७ उ.प.) प.प. - कापणे, तोडणे छिद् (७ उ.प.) आ.प. छिद् (७ उ.प.) आ.प. - कापणे, तोडणे रुध् (७ उ.प.) आ.प. रुध् (७ उ.प.) आ.प. - अडथळा करणे रुध् (७ उ.प.) प.प. रुध् (७ उ.प.) प.प. - अडथळा करणे कृ (८ उ. प.) प. प. कृ (८ उ. प.) प. प. - करणे कृ (८ उ. प.) आ. प. कृ (८ उ. प.) आ. प. - करणे तन् (८ उ.प.) प.प. तन् (८ उ.प.) प.प. - पसरविणे तन् (८ उ.प.) आ.प. तन् (८ उ.प.) आ.प. - पसरविणे बन्ध् (९ प. प.) बन्ध् (९ प. प.) - बांधणे ज्ञा (९ उ. प.) प. प. ज्ञा (९ उ. प.) प. प. - जाणणे ज्ञा (९ उ. प.) आ.प. ज्ञा (९ उ. प.) आ.प. - जाणणे क्री (९ उ. प.) प.प. क्री (९ उ. प.) प.प. - विकत घेणे क्री (९ उ. प.) आ.प. क्री (९ उ. प.) आ.प. - विकत घेणे ग्रह् (९ उ. प.) प.प. ग्रह् (९ उ. प.) प.प. - विकत घेणे ग्रह् (९ उ. प.) आ.प. ग्रह् (९ उ. प.) आ.प. - विकत घेणे प्री (९ उ. प.) प.प. प्री (९ उ. प.) प.प. - प्रेम करणे, आनंदित होणे प्री (९ उ. प.) आ.प. प्री (९ उ. प.) आ.प. - प्रेम करणे, आनंदित होणे चिन्त् (१० प.प.) चिन्त् (१० प.प.) - विचार करणे तड् - ताड् (१० प.प.) तड् - ताड् (१० प.प.) मारणे धृ - धार् (१० प.प.) धृ - धार् (१० प.प.) धारण करणे घुष् - घोष् (१० उ.प.) प.प. घुष् - घोष् (१० उ.प.) प.प. - घोषणा करणे भूष् (१० उ.प.) प.प. भूष् (१० उ.प.) प.प.- सुशोभित करणे मान् (१० प.प.) मान् (१० प.प.) - मान देणे पाल् (१० प.प.) पाल् (१० प.प.) - पालन करणे वच् (१० प.प.) वच् (१० प.प.) - वाचणे, बोलणे मन्त्र् (१० आ.प.) मन्त्र् (१० आ.प.) - सल्लामसलत करणे मृग् (१० आ.प.) मृग् (१० आ.प.) - शोधणे कथ् (१० उ.प.) प.प. कथ् (१० उ.प.) प.प.- सांगणे स्त्रोत - संस्कृतदीपिका