नया टीबीआईएल,बहुभाषी,बहु-फ़ॉर्मेट फ़ॉन्ट कन्वर्टर से करें अपने वर्ड,एक्सेल तथा एसक्यूएल/ऐक्सेस डेटा फ़ाइलों के फ़ॉन्ट का रूपांतरण फॉन्ट कन्वर्टर नए रुप में पुराना टीबीआईएल उतना उपयोगी नहीं था, और फ़ॉन्ट परिवर्तनों में अशु्द्धियाँ भी देता था। तो, आमतौर पर फ़ॉन्ट रूपांतरण के लिए सिल कन्वर्टर पर निर्भर थे। परंतु सिल कन्वर्टर की सबसे बड़ी खामी यह थी कि उसमें मात्र चार-पांच फ़ॉन्टों के ही रूपांतरण संभव थे। बाकी के लिए डांगी सॉफ़्ट का प्रखर देवनागरी फ़ॉन्ट कन्वर्टर उपयोग होता था। प्रखर फ़ॉन्ट कन्वर्टर में हालांकि 250 से ऊपर फ़ॉन्टों को यूनिकोड में कन्वर्शन की सुविधा है,परंतु यूनिकोड से वापस यानी बाय-डायरेक्शनल फ़ॉन्ट कन्वर्शन की सुविधा नहीं है। साथ ही, प्रखर फ़ॉन्ट कन्वर्टर चलने में बेहद धीमा है। तकनीकी हिंदी खण्ड में वैसे तो कोई डेढ़ सौ से ऊपर फ़ॉन्ट कन्वर्टर हैं, परंतु ये छोटे मोटे कन्वर्शन के लिए ही उपयुक्त हैं। और, सबसे बड़ी बात कि एसक्यूएल, एक्सेस जैसे डेटाबेस फ़ाइलों के सीधे फ़ॉन्ट रूपांतरण की सुविधा एक तरह से अनुपलब्ध ही थी।इन सब समस्याओं का समाधान टीबीआईएल फ़ॉन्ट कन्वर्टर के नए संस्करण में दिया गया है। मिलने वाली सुविधाएं यूं तो नया संस्करण तमाम महत्वपूर्ण सुविधाओं से भरा है, उपयोग में आसान और त्वरित तथा शुद्ध आउटपुट युक्त है, फिर भी कुछ खास, बहु-प्रतीक्षित सुविधाएँ हैं - बहु-भाषी है - हिंदी के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं - बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तमिल, तेलुगु शामिल है तथा रोमन फ़ोनेटिक में रूपांतरण की सुविधा भी है। बाय-डायरेक्शनल फ़ॉन्ट कन्वर्शन की सुविधा - यानी यूनिकोड से पुराने फ़ॉन्ट यथा कृतिदेव और कृतिदेव से यूनिकोड एसक्यूएल, ऐक्सेस जैसे डेटाबेस फ़ाइलों के सीधे कन्वर्शन की सुविधा एक से अधिक फ़ाइल व सब-फ़ोल्डर की फ़ाइलों के एक साथ बैच-कन्वर्शन की सुविधा तेज गति से कन्वर्शन के लिए कमांड लाइन उपयोग की सुविधा। 50 से अधिक अति-प्रचलित फ़ॉन्ट में आपसी रूपांतरण की सुविधा टीबीआईएल कन्वर्टर डाउनलोड करने के लिए टीबीआईएल कन्वर्टर खोजें और डाउनलोड करें अब चूंकि फ़ॉन्ट कन्वर्टर प्रोग्राम भी अपेक्षाकृत मैच्योर हो चुके हैं, तो तमाम डेवलपरों से गुजारिश है कि पेजमेकर फ़ाइलों से सीधे फ़ॉन्ट कन्वर्टर की सुविधा के लिए भी कुछ करें। भारतीय प्रकाशन जगत में पेजमेकर फ़ॉर्मेट में करोड़ों की संख्या में फ़ाइलें हैं जो पुराने फ़ॉन्टों में हैं और जिन्हें यूनिकोड में परिवर्तित किया जाना है। इसके लिए भी कोई सरल सा प्रोग्राम बन जाए तो क्या बात हो। रचनाकार के लिए बहुत सी रचनाएं पेजमेकर फ़ाइलों में आती हैं, जिन्हें इस तरह के किसी प्रोग्राम की अनुपलब्धता के कारण यूनिकोड में परिवर्तित कर प्रकाशित करना बेहद उबाऊ और झंझट भरा काम होता है। इसलिए उम्मीद करते हैं कि जल्द ही हमें ऐसा प्रोग्राम भी मिलेगा या टीबीआईएल कन्वर्टर की विश-लिस्ट में इसे डाल देते हैं कि अगले संस्करण में हमें यह भी हासिल हो जाए। आखिर, उम्मीद और इच्छा पर ही दुनिया कायम है! स्त्रोत : छींटे और बौछारें,रविशंकर रतलामी,भोपाल मध्यप्रदेश