डेस्कटॉप की सुरक्षा अपने कम्प्यूटर की सुरक्षा के लिए वेंडर के दस्तावेज को सावधानीपूर्वक पढ़े और दिशा-निर्देशों का पालन करें। अपने डेस्कटॉप को सुरक्षित रखने की जरूरत क्यों है? बिना उचित सुरक्षा उपायों के अपने पर्सनल कम्प्यूटर को ऑपरेट किये जाने से उसके असुरक्षित कम्प्यूटर की अवैध गतिविधियों जैसे वायरस, ट्रोजन, की-लॉगर्स तथा कभी-कभी हैकर्स से प्रभावित होने की संभावना हो सकती हैं। इससे डेटा की चोरी, डेटा की हानि, निजी सूचनाओं का खुलासा, पासवर्ड जैसी गोपनीय सूचनाओं की चोरी हो सकती है। इसलिए अपने निजी कम्यूटर का गलत इस्तेमाल होने से पहले उसे सुरक्षित रखें। The olden phrase is always golden... Prevention is better than Cure. पुरानी कहावत बिल्कुल सही है- रोग की रोकथाम, रोग के इलाज़ से बेहतर होती है। Things to remember ….while using your personal computer इन बातों को अपनाएं...जब भी अपने पर्सनल कम्प्यूटर का इस्तेमाल करें ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप्लिकेशन से जुड़े नियमित अपडेट के लिए हमेशा लाइसेंस वाले सॉफ्टवेयर का ही इस्तेमाल करें। ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर होने से लगातार अपडेट करते रहें। इंस्टॉल से पहले वेंडर/सॉफ्टवेयर द्वारा दिये गये “नियम-शर्तों”/ “लाइसेंस अग्रीमेंट” को पढ़ें। इस्तेमाल के बाद पर्सनल कम्प्यूटर के साथ मॉनिटर, मोडेम, स्पीकर्स को सही तरीके से शटडाउन कर स्विच ऑफ कर दें। रोचक तथ्य - क्या आप जानते हैं? वर्ष 2014 में 82 % होम यूजर्स ने कम-से-कम एक सुरक्षा खतरे का अनुभव किया। सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉलेशन सही लाइसेंस वाले ऑपरेटिंग सिस्टम लें तथा OS को इंस्टॉल करने से पहले लाइसेंस अग्रीमेंट सावधानीपूर्वक पढ़ें लें। अपना पर्सनल कम्यूटर का स्विच ऑन करें और BIOS सेटिंग पर जाएं; और प्रथम बूट ड्राइव को CD ड्राइव में बदल लें। CD/DVD को CD ड्राइव में इन्सर्ट करें और Ctrl+Alt+Delete कमांड से सिस्टम को रिस्टार्ट करें। सिस्टम रिस्टार्ट होने के बाद CD/DVD से बूट करेगा। वेंडर डॉक्यूमेंट में दिये गये इंस्टॉलेशन निर्देशों को अपनाएं। मदर बोर्ड ड्राइवर्स मॉनिटर ड्राइवर्स ऑडियो तथा वीडियो ड्राइवर्स नेटवर्क ड्राइवर्स इन प्रोग्राम को इंस्टॉल करने के लिए वेंडर से प्राप्त सीडी का उपयोग करें: कैसे काम करता है ऑपरेटिंग सिस्टम दिशा-निर्देश फीजिकल सिक्योरिटी अपने सिस्टम और उसके विभिन्न भागों को नियमित रूप से साफ करें। नोट: पीसी को साफ करने से पहले उसे बंद कर दें। पावर केबल, तार को पानी और कीड़े आदि से बचाने के लिए व्यवस्थित रखें। पीसी पर काम करने में उस पर पानी या भोजन न गिरने का ध्यान रखें। निम्न उपकरणों को निकालने के लिए सदैव ऑपरेटिंग सिस्टम के “सेफ्टी रिमूव” विकल्प अपनाएं। USB उपकरण डिस्कनेक्ट करें। BIOS पासवर्ड सेट कर निम्न-अनधिकृत एसेस रोका जा सकता हैं: कम्प्यूटर को उपयोग में न लिये जाने पर स्विच ऑफ कर दें। नोट: BIOS पासवर्ड सेटअप के लिए “BIOS के लिए पासवर्ड सेटिंग” सेक्शन देखें । इंटरनेट सुरक्षा ब्राउजिंग में इंटरनेट इस्तेमाल करने की नीति का पालन करें। इंटरनेट सामग्री के उपयोग से पहले कॉपीराइट सामग्री जाँच लें। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, डाउनलोड जैसे कार्यों के लिए सदैव उन्हीं साइट पर जाएं जो https (हायपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकोल सिक्योर) सुरक्षा से युक्त हों । साइट में SSL का उपयोग होने की विश्वसनीयता सर्टिफिकेट के मालिक की जानकारी और सर्टिफिकेट समाप्ति की दिनाँक- आदि जैसी जानकारी से जाँच लें। लॉक आइकन पर क्लिक से इसे जाना जा सकता है। फाइल डाउनलोडिंग अन्य वेबसाइट की अपेक्षा मूल वेबसाइट से करें। डाउनलोड फाइल के उपयोग से पहले उसे अपडेटेड एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर से स्कैन करें। ग़लत ट्रैफिक से बचने के लिए फायरवॉल सॉफ्टवेयर सही तरह से इंस्टॉल तथा कंफिगर करें। डेटा सुरक्षा 1. अपने ऑपरेटिंग सिस्टम में ऑटो-अपडेट को सक्रिय कर नियमित रूप से अपडेट करते रहें। किसी विश्वसनीय वेबसाइट से एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर को डाउनलोड कर इंस्टॉल करें। और सुनिश्चित करें कि यह वायरस सिगनेचर के साथ स्वत: अपडेट हो जाए। किसी विश्वसनीय वेबसाइट से एंटी-स्पायवेयर सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर इंस्टॉल करें। और सुनिश्चित करें कि नवीनतम डेफिनेशन के साथ स्वत: अपडेट हो जाए। 4. “एंक्रिप्शन” के उपयोग से अपनी मूल्यवान सूचनाओं की सुरक्षा करें। नोट: एंक्रिप्शन के लिए पासवर्ड की आवश्यकता होती है। एंक्रिप्टिंग करते समय हमेशा पासवर्ड याद रखें, इसके बिना डेटा प्राप्त नहीं होता है। 5. कम्प्यूटर में “ऐडमिन” अकाउंट तथा दूसरी महत्वपूर्ण ऐप्लिकेशन जैसे ई-मेल क्लाइंट,फाइनेंशियल ऐप्लिकेशन (अकाउंटिंग आदि) के लिए मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करना चाहिए। 6. बैकअप : अपने कम्प्यूटर के डेटा को नियमित CD/DVD या USB आदि ड्राइव में स्टोर करते रहें जिससे हार्ड डिस्क में किसी प्रकार की खराबी आने या रीइंस्टॉलिंग या फॉर्मेटिंग में डेटा अनुपयोग होने की संभावना में भी आपको डेटा प्राप्त हो जाए। 7. रिकवरी डिस्क: अप्रामाणिक ड्राइवर्स/अज्ञात सॉफ्टवेयर पब्लिशर के कारण सिस्टम चेंज होने से-कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम के बूट न होने की स्थिति में रिकवरी के लिए निर्माता/वेंडर द्वारा दी गई रिकवरी डिस्क को हमेशा सुरक्षित रखें। सिस्टम के बेहतर प्रदर्शन के लिए स्टार्टअप प्रोग्राम मॉनिटर/नियंत्रित किया जाना चाहिए। ब्राउजर सुरक्षा हमेशा अपने वेब ब्राउजर को नवीनतम पैचेस से अपडेट करें। ब्राउजर के साथ इनबिल्ट प्राइवेसी या सिक्योरिटी सेटिंग में उपयोग लाएं। कंटेट फिल्टरिंग सॉफ्टवेयर का भी उपयोग करें। हमेशा सेफ सर्च सर्च इंजन में ‘ऑन’ मोड में रखें। ई-मेल सुरक्षा हमेशा अपने ई-मेल अकाउंट के लिए मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें। हमेशा ऐंटी-स्पायवेयर सॉफ्टवेयर की सहायता से स्पैम वाले ई-मेल को स्कैन करें। हमेशा नवीनतम ऐंटी-वायरस तथा ऐंटी-स्पायवेयर से ई-मेल ऐटेचमेंट को खोलने से पहले स्कैन करें। हमेशा स्पैम फोल्डर को खाली रखें। वायरलेस सुरक्षा डिफॉल्ट ऐडमिनिस्ट्रेशन पासवर्ड बदल दें। WPA (Wi-Fi प्रॉटेक्टेड एसेस)/WEP एंक्रिप्शन ऑन करें। डिफॉल्ट SSID बदल दें। MAC ऐड्रेस फिल्टरिंग एनैबल करें। वायरलेस नेटवर्क उपयोग न किये जाने पर ऑफ कर दें। मोडेम सुरक्षा डिफॉल्ट पासवर्ड बदल दें। उपयोग न होने की स्थिति में स्विच ऑफ करें। ऐसा करें वेंडर डॉक्युमेंट ध्यानपूर्वक पढ़ें और पर्सनल कम्प्यूटर को सेटअप करने के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करें। कनेक्ट करें कीबोर्ड माउस मॉनिटर स्पीकर्स तथा नेटवर्क केबल …... वेंडर डॉक्युमेंट के निर्देशानुसार को CPU (सेंट्रल प्रॉसेसिंग यूनिट) से। CPU तथा मॉनिटर इलेक्ट्रिकल आउटलेट से कनेक्ट करें। ऐसा न करें पाइरेटेड सॉफ्टवेयर इस्तेमाल न करें, जैसे कि: ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर (विंडोज़, यूनिक्स,आदि..). ऐप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (ऑफिस, डेटाबेस आदि)। सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर (एंटीवायरस, एंटी-स्पायवेयर आदि) नोट: ध्यान दें, कुछ पाइरेटेड सॉफ्टवेयर गलत प्रोग्राम भी हो सकते हैं। बिजली प्रवाह में अनियमितता की स्थिति में कम्प्यूटर वॉल आउटलेट में सीधे प्लग करने से खराबी आ सकती है। इसलिए कंप्यूटर को प्लग करने में सुरक्षा के लिए असली सर्ज प्रोटेक्टर का इस्तेमाल करें। PC के आस-पास कुछ न खाएं-पीएं PC के पास कोई चुंबक न रखें। अपने कम्प्यूटर पर कोई तरल पदार्थ न स्प्रे करें और न ही छिड़कें। कपड़े पर स्प्रे का छिड़काव करके उस कपड़े से कंप्यूटर को साफ किया जा सकता है। डबल एक्सटेंशन वाले ई-मेल अटैच्मन्ट न खोलें। सेटअप BIOS (बेसिक इनपुट / आउटपुट सिस्टम) सेटिंग कम्प्यूटर के स्टार्ट होने पर कम्प्यूटर BIOS पहला प्रोग्राम के रुप में रन करता है। स्टार्ट होने के बाद BIOS से पासवर्ड को सेट किया जा सकता है जिससे आपका कम्प्यूटर एसेस होने से रोक दिया जाता है। कभी-कभी CMOS कहलाने वाले BIOS सेटअप प्रोग्राम को प्रवेश कराने के लिए। अपने कम्प्यूटर को चालू या रीबूट करें। स्क्रीन पर डायग्नॉस्टिक से संबंधित जानकारी की श्रृंखला डिस्प्ले होते हुए मेमरी की जांच पूरी होगी। एक मेसैज आएगा- “BIOS सेटअप प्रोग्राम को एंटर करने के लिए <DEL> की दबाएं”। [हमेशा DEL की का उपयोग नहीं होने से कुछ BIOS के लिए F2 या F10 अथवा अन्य की कम्बिनेशन का उपयोग होता है। अधिक जानकारी के लिए मदर बोर्ड मैन्यूअल पढ़ें।] नोट: कुछ BIOS वर्जन में आइकन (a GUI) वाले ग्राफिकल टाइप मेन्यू का उपयोग होने या टेक्स्ट इंटरफेस होने पर भी प्रमुख नियम लगभग समान ही होते हैं। पासवर्ड से जुड़े दो विकल्प होते हैं- सुपरवाइजर पासवर्ड तथा यूज़र पासवर्ड, जो क्रमशः BIOS सेटअप प्रोग्राम तथा मशीन बूट कंट्रोलिंग से जुड़े होते हैं। नोट: सभी BIOS में पासवर्ड का यह फीचर मौजूद नहीं होता। आपके BIOS में यह नहीं होने की स्थिति में अपने कम्प्यूटर के एसेस पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। यूज़र पासवर्ड का चयन करें और इस पासवर्ड को एंटर करने के लिए पूछा जाएगा। आठ कैरेक्टर तक का एक पासवर्ड एंटर करें (लेकिन अक्सर BIOS आठ कैरेक्टर तक ही सीमित होते हैं) । मैं आपको आठ कैरेक्टर के पासवर्ड को अपनाने की सलाह देता हूँ और ध्यान रहे कि चुने गये पासवर्ड को नहीं भूलें। BIOS आपसे पासवर्ड पुष्टि के लिए पूछेगा और पुनः उसी पासवर्ड को टाइप करें। अब आपका सिस्टम हर बार बूट करने में पासवर्ड पूछने की कमांड को सेट कर सक्रिय कर देगा इसलिए मेन्यू देखने के लिए BIOS FEATURES SETUP विकल्प का चयन करें। यदि आप इच्छुक हैं तो यह पासवर्ड चेक विकल्प का चयन करें और सेटिंग को बदल कर “ALWAYS” कर दें। अब नेविगेट कर वापस मेन मेन्यू पर जाकर SAVE तथा EXIT SETUP का चयन करें। आपकी मशीन तब रीबूट करेगी और आपसे पासवर्ड देने के लिए कहेगी। और अब जब भी बूट करेंगे,चयनित पासवर्ड के लिए पूछा जाएगा। नोट: आपके कम्प्यूटर को एसेस होने से रोकना पूरी तरह आसान नहीं है, पर यह लगभग वैसा ही प्रयास है। लेकिन यह सिस्टम एसेस करने के अधिकांश प्रयासों को रोक देगा या इन प्रयासों की संख्या को न्यूनतम तक कर देता है। नोट: यदि आप अपना BIOSपासवर्ड भूल जाएं,तो मदर बोर्ड मैन्यूअल देखें, और यदि आपके पास नहीं है तो BIOS निर्माता वेबसाइट पर जाकर सलाह लें। डेस्कटॉप कम्प्यूटर से वायरलेस मोडेम कैसे कनेक्ट करें वायरलेस मोडेम कनेक्ट करते समय अपनाये जाने वाले निर्देश: सुनिश्चित करें आपके पास आवश्यक उपकरण हों। आपके वायरलेस मोडेम पैकेज में वायरलेस मोडेम शामिल करना चाहिए (या वायरलेस ऐडाप्टर); मैन्यूअल के साथ CD-ROM इंस्टॉलेशन;एक ईथरनेट केबल (या एक USB केबल यदि आपके पास वायरलेस USB मोडेम हो तो); एक वायरलेस ऐंटीना (802.11a, 802.11b, या 802.11g जैसे वायरलेस स्टैंडर्ड को कंफर्म करते हुए); और एक पावर ऐडाप्टर। इनमें से कोई आयटम प्राप्त न होने की स्थिति में रिटेलर या निर्माता को कॉल करें। उपकरण की कार्यप्रणाली को जानने के लिए मैन्यूअल पढ़ें । उदाहरण के लिए वायरलेस नेटवर्क से कनेक्ट करने के लिए वायरलेस एंटीना का इस्तेमाल करें; कम्प्यूटर को मोडेम से जोड़ने के लिए ईथरनेट केबल (या यूएसबी केबल) का इस्तेमाल करें। अपने वायरलेस एंटीना को मोडेम के साथ जोड़ दें । अपने कम्प्यूटर से एक ईथरनेट केबल को मोडेम पर LAN/ईथरनेट पोर्ट से जोड़ें; या यदि आपके पास यूएसबी मोडेम है तो यूएसबी केबल को कम्प्यूटर के यूएसबी पोर्ट से जोड़ें। पावर ऐडाप्टर को मोडेम के पावर कनेक्टर से जोड़ें, इसे प्लग इन कर ऑन करें। वायरलेस मोडेम का सेट अप करना वेब ब्राउजर ओपन करें और मोडेम ऐडमिनिस्ट्रेशन साइट का URL एंटर टाइप कर,इंटर करें। यूज़र मैन्यूअल न मिलने की स्थिति में मोडेम के निर्माता/वेंडर की कस्टमर सर्विस पर कॉल करें। यूज़र मैन्यूअल में दिए पासवर्ड तथा यूज़र नेम की सहायता से ऐडमिनिस्ट्रेटिव साइट पर लॉगइन करें। इसे पुन: लोकेट नहीं कर पाने की स्थिति में मोडेम के निर्माता/वेंडर की कस्टमर सर्विस पर कॉल करें। सामान्यतः डिफॉल्ट यूज़र नेम तथा पासवर्ड “ऐडमिन” होता है। इंटरनेट कनेक्शन के प्रकार का चयन करें। इंटरनेट कनेक्शन के चार प्रकार होते हैं : “डायनैमिक आइपी ऐड्रेस,” “स्टेटिक आइपी ऐड्रेस,” “PPPoE/PPPoA” तथा “ब्रिज मोड”। अपने इंटरनेट सेवा प्रदाता से कॉल कर पूछ लें कि वायरलेस सेवा के लिए कौन सी सेटिंग सबसे अधिक उपयुक्त होगी। आइएसपी सर्वर से आइपी ऐड्रेस को स्वतः प्राप्त करने के लिए “डायनैमिक आइपी ऐड्रेस” का चयन करें। आप जो भी वायरलेस कनेक्शन लेते हैं उसके लिए एक आईपी ऐड्रेस मिलता है। कुछ मामलों में आइपी ऐड्रेस डायनैमिक होता है (हर बार इंटरनेट से कनेक्ट होने पर आइपी ऐड्रेस बदल जाता है), तथा कुछ मामलों में यह बदलता नहीं है (इंटरनेट से कनेक्ट और डिसकनेक्ट करने पर भी आइपी ऐड्रेस नहीं बदलता।)। ऐड्रेस यदि डायनेमिक है तो ऐसी सेटिंग को अपनाना होगा कि जब भी नया वायरलेस कनेक्शन स्थापित होता है, मोडेम अपने आप आएसपी सर्वर से आइपी ऐड्रेस ले लेगा। अपने मोडेम के MAC ऐड्रेस तथा अन्य विवरण को इंटर करें (जो मोडेम के पीछे लिखे होते हैं)। इन विवरण के लिए यूज़र मैन्यूअल देखें या मोडेम के निर्माता/वेंडर की कस्टमर सर्विस पर कॉल करें। यदि आपको स्टैटिक आइपी दिया गया हो तो “स्टैटिक IP ऐड्रेस” का चयन करें। आपको “VPI,” “VCI,” “IP ऐड्रेस,” “सबनेट मास्क,” “ISP गेटवे ऐड्रेस,” “सर्वर ऐड्रेस,” “प्राइमरी डीएनएस ऐड्रेस,” “सेकंडरी डीएनएस ऐड्रेस” व “कनेक्शन टाइप” के स्थान को भरना होगा। ये विवरण अपने आइएसपी से प्राप्त किये जा सकते हैं। आपका आइएसपी यदि इस प्रकार के कनेक्शन का इस्तेमाल करे तो “PPPoE/PPPoA” का चयन करें। आपके आइएसपी द्वारा दिये गये यूज़र नेम,पासवर्ड व अन्य विवरण को एंटर करें। यदि आपका आइएसपी इस टाइप का कनेक्शन इस्तेमाल करे तो “ब्रिज मोड” का चयन करें। आपके आइएसपी द्वारा प्राप्त संबंधित विवरण को एंटर करें। “फिनिश” या “ओके” अथवा ऐसे ही किसी आयकन पर क्लिक कर प्रक्रिया को पूरा करें। अब आपका मोडेम सेट अप हो जाना चाहिए। अपने ब्राउजर के ऐड्रेस विंडो में कोई यूआरएल ऐड्रेस में इंटर- इंटरनेट कनेक्शन आने या न आने की जांच कर लें। स्रोत: ईहाउ-मोडेम से कंप्यूटर कनेक्ट करें