<h3 style="text-align: justify;">साइबर सुरक्षा चिंता का विषय क्यों है ? </h3> <p style="text-align: justify;">आज इंटरनेट, कंप्यूटर, स्मार्ट फोन तथा संचार प्रौद्योगिकी के अन्य उपकरण हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। कल्पना कीजिए कि हम अपने प्रत्येक दिन का कितना समय इन स्मार्ट उपकरणों का उपयोग करने पर खर्च करते हैं। हम ने Google, emails, WhatsApp, Twitter, Facebook इत्यादि जैसे इंटरनेट संचार माध्यमों को अपनी दैनिक गतिविधियों का एक अभिन्न हिस्सा बना लिया है किंतु हम में से अधिकांश लोग साइबर सुरक्षा एवं स्वयं को साइबर अपराधों से बचाने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों के प्रति अनभिज्ञ हैं। </p> <p style="text-align: justify;"><img class="image-inline" src="https://static.vikaspedia.in/mediastorage/image/ccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccccPIC.jpg" width="207" height="163" /></p> <table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1"> <tbody> <tr> <td style="width: 98.6043%;"><strong>क्या आप जानते हैं कि जो भी सूचना या व्यक्तिगत जानकारी - इंटरनेट पर साझा की जाती है वह हमेशा के लिए वहां मौजूद रहती है क्योंकि सूचना को पूरी तरह डिलीट करना अत्यंत कठिन है? </strong></td> </tr> </tbody> </table> <h3 style="text-align: justify;">साइबर अपराध क्या हैं? </h3> <p style="text-align: justify;">साइबर अपराध ऐसे अपराध होते हैं जो कम्प्यूटर, इंटरनेट या मोबाइल टेक्नोलॉजी का उपयोग करके व्यक्तियों, कंपनियों या संस्थानों के प्रति किए जाते हैं। साइबर अपराधी सोशल नेटवर्किंग साइटों, ईमेल, चैट रूम, नकली सॉफ्टवेयर, वेबसाइटों इत्यादि जैसे प्लेटफॉर्मों का उपयोग पीड़ितों पर हमला करने के लिए करते हैं। बच्चे भी विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के शिकार हो सकते हैं। </p> <p style="text-align: justify;">भारतीय कम्प्यूटर आपातकालीन कार्रवाई दल (सीईआरटी-इन), के अनुसार वर्ष 2017 के दौरान भारत में 53000 से अधिक साइबर सुरक्षा संबंधी घटनाओं की सूचना प्राप्त हुई। </p> <table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1"> <tbody> <tr> <td style="width: 98.6043%;"><strong>क्या आप जानते हैं साइबर हमले और अधिक जटिल तथा परिष्कृत होते जा रहे हैं तथा इनका लक्ष्य फोन नं., ____ पता, फोटोग्राफ, बैंक संबंधी विवरण इत्यादि जैसी व्यक्तिगत जानकारी को चुराना है। साइबर अपराधियों द्वारा आपकी इस व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग आपके खिलाफ कई तरीकों से किया जा सकता है जैसे कि जाली प्रोफाइल बनाकर, साइबर खतरा देकर। </strong></td> </tr> </tbody> </table> <p style="text-align: justify;">मित्रों, चिंता न करें, एहतियात बरतकर तथा सजग रहकर आप स्वयं को साइबर अपराधों से बचा सकते हैं। मैं हूं आपका साइबर दोस्त और मैं आपकी विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध को समझने तथा उन सावधानियों को अपनाने में मदद करूंगा जो साइबर अपराध के शिकार बनने के खतरे को कम करने के लिए आपको अपनानी चाहिए। </p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत : साईबर सुरक्षा पर किशाेर/छात्राें के लिए पुस्तिका, गृह मंत्रालय भारत सरकार। </p>