पाठ्यचर्या की अपेक्षाएँ बच्चों से अपेक्षाएँ की जाती है • संख्याओं के मूर्त विचार से संख्या बोध की ओर अग्रसर हो सकें। • संख्याओं के बीच संबंध देखें तथा संबंधों में पैटर्न ढूँढ़ सकें। • चर, व्यंजक, समीकरण, सर्वसमिकाओं आदि से संबंधित अवधारणाओं को समझ सकें तथा प्रयोग कर सकें। वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिये अंकगणित तथा बीजगणित का प्रयोग कर सकें तथा अर्थपूर्ण प्रश्न बना सकें। त्रिभुज, वृत्त, चतुर्भुज जैसी आकृतियों में सममिति की खोज कर सौंदर्यबोध का विकास कर सकें। • स्थान को एक आकृति की सीमाओं में बंद क्षेत्र के रूप में पहचान सकें। परिमाप, क्षेत्रफल, आयतन के संदर्भ में स्थान संबंधी समझ विकसित कर सकें तथा उसका प्रयोग दैनिक जीवन की समस्याओं को हल करने में कर सकें। गणितीय संदर्भ में स्वयं द्वारा खोजे गए निष्कर्षों को तर्कसंगत सिद्ध करने हेतु उचित कारण तथा ठोस तर्क प्रस्तुत करना सीखें। परिवेश से प्राप्त जानकारियों/आँकड़ों को एकत्र कर आरेखीय एवं सारणीबद्ध रूप से प्रस्तुत कर सकें तथा उनकी व्याख्या कर सकें। कक्षा छः (गणित) सीखने-सिखाने की प्रस्तावित प्रक्रियाएँ सीखने के प्रतिफल सभी शिक्षार्थियों को जोड़े में/समूहों में/व्यक्तिगत रूप से कार्य करने के अवसर दिए जाएँ तथा उन्हें प्रोत्साहित किया जाए कि वे 8 अंकों तक की संख्याओं वाली स्थितियों के विषय में चर्चा |करें, जैसे- किसी संपत्ति का मूल्य, विभिन्न शहरों की कुल | आबादी, आदि। दो मकानों के मूल्य, दर्शकों की संख्या, पैसों के लेन-देन आदि स्थितियों के द्वारा संख्याओं की तुलना करें। सम, विषम आदि गुणों के आधार पर संख्याओं का वर्गीकरण करें। संख्याओं में उस पैटर्न का अवलोकन करें जिससे 2, 3, 4, 5, 6, 8, 10 तथा 11 से विभाज्यता के नियमों का पता लगे। अंकों के पैटर्न बनाएँ जिसके द्वारा महत्तम समापवर्तक तथा | लघुत्तम समापवर्तक पर चर्चा की जा सके। परिवेश से ऐसी स्थितियों की छानबीन करें जिनमें महत्तम |समापवर्तक तथा लघत्तम समापवर्तक का प्रयोग होता है। दैनिक जीवन में ऋणात्मक संख्याओं से संबंधित स्थितियों पर विचार करें तथा उन पर चर्चा करें। ऐसी स्थितियों का अवलोकन करें जिन्हें भिन्न तथा दशमलव द्वारा प्रदर्शित करने की आवश्यकता हो। गणितीय संदर्भो में अज्ञात राशियों को चर राशियों (वर्णमाला के अक्षरों द्वारा) से प्रदर्शित करने की आवश्यकता के महत्व को समझें और प्रयोग करें। चरों (वर्णमाला के अक्षर) के प्रयोग की आवश्यकता की छानबीन करें एवं सामान्यीकरण करें। ऐसी स्थितियों की चर्चा करें जिनमें अनुपात के माध्यम से राशियों की तुलना की आवश्यकता हो। ऐसी शाब्दिक समस्याओं पर चर्चा करें एवं उन्हें हल करें जिनमें अनुपात तथा एकक विधि का प्रयोग हो। विभिन्न आकृतियों के गुणों को मूर्त मॉडल तथा विविध ज्यामितीय आकृतियों, जैसे – त्रिभुज तथा चर्तुभुज आदि के चित्रों द्वारा खोजें। व्यक्तिगत रूप से या समूहों में से कक्षा कक्ष के अंदर अथवा बाहर विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों को पहचानें तथा उनके गुणों का अवलोकन करें। तीलियों या पेपर कटिंग के माध्यम से विभिन्न आकृतियाँ बनाएँ। गणित : सीखने के प्रतिफल उच्च प्राथमिक स्तर 3D आकृतियों के विभिन्न मॉडल तथा जाल (नेट), जैसे - घनाभ, बेलन आदि का अवलोकन करें तथा 3D आकृतियों के विभिन्न अवयव, जैसे – फलक, किनारे व शीर्ष पर चर्चा करें। कोणों की अवधारणा को कुछ उदाहरणों द्वारा साझा करें, जैसेदरवाज़े का खुलना, पेंसिल बॉक्स का खुलना आदि। अपने परिवेश से कोण संबंधी अवधारणा के और अधिक उदाहरण प्रस्तुत करें। कोणों का घूर्णन (घुमाव) के आधार पर वर्गीकरण करें। बच्चे - बड़ी संख्याओं से संबंधित समस्याओं को उचित संक्रियाओं(जोड़, घटा, गुणन, भाग) के प्रयोग द्वारा हल करते हैं। पैटर्न के आधार पर संख्याओं को सम, विषम, अभाज्य संख्या,सह अभाज्य संख्या आदि के रूप में वर्गीकरण कर पहचानते हैं। विशेष स्थिति में महत्तम समापवर्तक या लघुत्तम समापवर्तक का उपयोग करते हैं। पूर्णांकों के जोड़ तथा घटा से संबंधित समस्याओं को हल करते पैसा, लंबाई, तापमान आदि से संबंधित स्थितियों में भिन्न तथा दशमलव का प्रयोग करते हैं, जैसे – 77 मीटर कपड़ा, दो स्थानों के बीच दूरी 112.5 किलोमीटर आदि। दैनिक जीवन की समस्याओं, जिनमें भिन्न तथा दशमलव का जोड़/घटा हो, को हल करते हैं। किसी स्थिति के सामान्यीकरण हेतु चर राशि का विभिन्न संक्रियाओं के साथ प्रयोग करते हैं, जैसे – किसी आयत का परिमाप जिसकी भुजाएँ x इकाई तथा 3 इकाई हैं, 2(x+3) इकाई होगा। अलग-अलग स्थितियों में अनुपात का प्रयोग कर विभिन्न राशियों की तुलना करते हैं, जैसे – किसी विशेष कक्षा में लड़कियों एवं लड़कों का अनुपात 3: 2 है। एकक विधि का प्रयोग विभिन्न समस्याओं को हल करने केलिए करते हैं, जैसे – यदि 1 दर्जन कॉपियों की कीमत दी गई हो तो 7 कॉपियों की कीमत ज्ञात करने हेतु पहले 1 कॉपी की कीमत ज्ञात करते हैं। ज्यामितीय अवधारणाओं, जैसे - रेखा, रेखाखंड, खुली एवं बंद आकृतियों, कोण, त्रिभुज, चतुर्भुज, वृत्त आदि का अपने परिवेश के उदाहरणों द्वारा वर्णन करते हैं। कोणों की समझ को निम्नानुसार व्यक्त करते हैं - - अपने परिवेश में कोणों के उदाहरण की पहचान करते हैं। - कोणों को उनके माप के आधार पर वर्गीकृत करते हैं। - 45°, 90°, 180° को संदर्भ कोण के रूप में लेकर अन्य कोणों के माप काअनुमान लगाते हैं। रैखिक सममिति के बारे में अपनी समझ निम्नानुसार व्यक्त करते- द्वि-आयामी (2D) आकृतियों में, वह सममित आकृतियाँपहचानते हैं जिनमें एक या अधिक सममित रेखाएँ हैं। - सममित द्वि-आयामी (2D) आकृतियों की रचना करते हैं। त्रिभुजों को उनके कोण तथा भुजाओं के आधार पर वर्गीकृत करते हैं, जैसे – भुजाओं के आधार पर विषमबाहु त्रिभुज, समद्विबाहु त्रिभुज, समबाहु त्रिभुज आदि। चतुर्भुजों को उनके कोण तथा भुजाओं के आधार पर विभिन्न समूहों में वर्गीकृत करते हैं। अपने परिवेश में स्थित विभिन्न 3D वस्तुओं की पहचान करते हैं, जैसे – गोला, घन, घनाभ, बेलन, शंकु आदि। 3D वस्तुओं/आकृतियों के किनारे, शीर्ष, फलक का वर्णन कर उदाहरण देते हैं। आयताकार वस्तुओं का परिमाप तथा क्षेत्रफल ज्ञात करते हैं, जैसे – कक्षा का फ़र्श, चॉक के डिब्बे की ऊपरी सतह का परिमाप तथा क्षेत्रफल। दी गई/ संकलित की गई सूचना को सारणी, चित्रालेख, दंड आलेख के रूप में प्रदर्शित कर व्यवस्थित करते हैं और उसकी व्याख्या करते हैं, जैसे – विगत छह माह में किसी परिवार के विभिन्न सामग्रियों पर हुए खर्च को। कक्षा सात (गणित) सीखने-सिखाने की प्रस्तावित प्रक्रियाएँ सीखने के प्रतिफल सभी शिक्षार्थियों को जोड़े में/समूहों में/व्यक्तिगत रूप से | कार्य करने के अवसर दिए जाएँ तथा उन्हें प्रोत्साहित किया जाए कि वे भिन्न/दशमलव की गुणा/भाग को चित्रों द्वारा, कागज़ मोड़कर | या दैनिक जीवन के उदाहरणों से खोजें। उन स्थितियों की चर्चा करें जिनमें भिन्नात्मक संख्याओं को | . एक-दूसरे से विपरीत दिशाओं में प्रयोग किया जाता है, जैसे – | एक पेड़ के 10- मीटर दाईं ओर पहुँचना तथा इसके 15- मीटर बाईं ओर आदि। यह खोज करें कि गुणन की पुनरावत्ति को कैसे लघु रूप में व्यक्त किया जाए, जैसे2x2x2x2x2x2 = 26 चर तथा अचर राशियों को विभिन्न संक्रियाओं के साथ संयोजित कर सभी संभावित बीजीय व्यंजकों को विभिन्न सदंर्भो में खोज करें। दैनिक जीवन की ऐसी स्थितियों को प्रस्तुत करें जिनमें समीकरण बनाने की आवश्यकता हो तथा चर का वह मान ज्ञात करें जो समीकरण को संतुष्ट कर दे। समान समूह की वस्तुओं को जोड़ने/घटाने की गतिविधियों का | आयोजन करें जो दैनिक जीवन से संबंधित हों। अनुपात तथा प्रतिशत (अनुपातों की तुलना) की अवधारणा की | समझ हेतु चर्चा करें। दैनिक जीवन से संबंधित स्थितियों पर चर्चा करें जो लाभ/हानि तथा साधारण ब्याज पर आधारित हों तथा जिनमें प्रतिशत का उपयोग होता है। दैनिक जीवन के उन उदाहरणों को खोजें जिनमें कोणों के जोड़े में एक उभयनिष्ठ शीर्ष हो। उदाहरण के लिए – कैंची, चौराहा, अक्षर X, T आदि) चित्र बनाकर कोणों के युग्म के विभिन्न गुणों का सत्यापन करें (एक समूह एक कोण का माप दें तो दूसरा समूह दूसरे कोण का माप बताएँ)। जब दो समांतर या असमांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटे तो प्राप्त विभिन्न कोणों के जोड़े के बीच संबंध को प्रदर्शित करें।उच्च प्राथमिक स्तर की गणित किट (NCERT द्वारा विकसित) एवं चित्रों के माध्यम से त्रिभुज के कोणों तथा उसकी भुजाओं के बीच संबंध प्रदर्शित करें। विभिन्न प्रकार के त्रिभुज की रचना करें। त्रिभुज के कोणों को मापें तथा उनके योग का सत्यापन करें। त्रिभुजों के बहिष्कोण के गुण तथा पाइथागोरस प्रमेय का पता लगायें। अपने परिवेश से सममित आकृतियों को पहचानें जिनमें घूर्णन सममिति हो। कागज़ को मोड़ने के क्रियाकलाप द्वारा सममितता की कल्पना करें। सर्वांगसमता की कसौटी स्थापित करें तथा उनका सत्यापन एक आकृति को दूसरे के उपर इस प्रकार रखकर करें कि वे एक-दूसरे को पूरा-पूरा ढक लें। सक्रिय भागीदारी द्वारा एक रेखा के बाहर स्थित बिंदु से उस रेखा के समांतर एक अन्य रेखा खींचने का प्रदर्शन करें। पैमाना तथा परकार (Compass) की सहायता से सरल त्रिभुज की रचना करें। बच्चे दो पूर्णांकों का गुणन/भाग करते हैं। भिन्नों के भाग तथा गुणन की व्याख्या करते हैं। परिमेय संख्या से संबंधित दैनिक जीवन की समस्याओं को हल करते हैं। दैनिक जीवन से संबंधित समस्याओं, जिनमें परिमेय संख्या भी शामिल हैं, को हल करते हैं। बड़ी संख्याओं के गुणन तथा भाग को सरल करने हेतु संख्याओं के घातांक रूप का प्रयोग करते हैं। दैनिक जीवन की समस्याओं को सरल समीकरण के रूप में प्रदर्शित करते हैं तथा हल करते हैं। बीजीय व्यंजकों का योग तथा अंतर ज्ञात करते हैं। उन राशियों को पहचानते हैं जो समानुपात में हैं, जैसे – विद्यार्थी यह बता सकते हैं कि 15, 45, 40, 120 समानुपात में हैं, क्योंकि 15 का मान 10 के बराबर है। प्रतिशत को भिन्न तथा दशमलव में एवं भिन्न तथा दशमलव को प्रतिशत में रूपांतरित करते हैं। लाभ/हानि प्रतिशत तथा साधारण ब्याज में दर प्रतिशत की गणना करते हैं। कोणों के जोड़े को रेखीय, पूरक, संपूरक, आसन्न कोण, शीर्षाभिमुख कोण के रूप में वर्गीकृत करते हैं तथा एक कोण का मान ज्ञात होने पर दूसरे कोण का ज्ञात करते हैं। तिर्यक रेखा द्वारा दो रेखाओं को काटने से बने कोणों के जोड़े के गुणधर्म का सत्यापन करते हैं। यदि त्रिभुज के दो कोण ज्ञात हो तो तीसरे अज्ञात कोण का मान ज्ञात करते हैं। त्रिभुजों के बारे में दी गई सूचना, जैसे – SSS, SAS, ASA, RHS के आधार पर त्रिभुजों की सर्वांगसमता की व्याख्या करते हैं। पैमाना (स्केल) तथा परकार की सहायता से एक रेखा के बाहर स्थित बिंदु से रेखा के समांतर एक अन्य रेखा खींचते हैं। एक बंद आकृति के अनुमानित क्षेत्रफल की गणना इकाई वर्ग ग्रिड/ ग्राफ़ पेपर के द्वारा करते हैं। आयत तथा वर्ग द्वारा घिरे क्षेत्र के क्षेत्रफल की गणना करते हैं। दैनिक जीवन के साधारण आँकड़ों के लिए विभिन्न प्रतिनिधि मानों जैसे समान्तर माध्य, मध्यिका, बहुलक की गणना करते हैं। वास्तविक जीवन की स्थितियों में परिवर्तनशीलता को पहचानते हैं, जैसे – विद्यार्थियों की ऊँचाइयों में परिवर्तन, घटनाओं के घटित होने की अनिश्चितता, जैसे- सिक्के को उछालना। दंड आलेख के द्वारा आँकड़ों की व्याख्या करते हैं, जैसे- गर्मियों में बिजली की खपत सर्दियों के मौसम से ज़्यादा होती है, किसी टीम द्वारा प्रथम 10 ओवर में बनाए गए रनों का स्कोर आदि। कक्षा आठ (गणित ) सीखने-सिखाने की प्रस्तावित प्रक्रियाएँ सीखने के प्रतिफल सभी शिक्षार्थियों को जोड़े में/समूहों में/व्यक्तिगत रूप से कार्य करने के अवसर दिए जाएँ तथा उन्हें प्रोत्साहित किया जाए कि वे परिमेय संख्याओं पर सभी संक्रियाओं के साथ उदाहरण खोजें तथा इन संक्रियाओं में पैटर्न खोजें। 3 अंकों तक की संख्या के सामान्यीकरण रूप का प्रयोग करें तथा बीजगणित की समझ द्वारा 2, 3, 4,....... से भाज्यता का नियम खोजें, जिसे इससे पूर्व की कक्षाओं में पैटर्न के अवलोकन द्वारा खोजा गया था। वर्ग, वर्गमूल, घन तथा घनमूल संख्याओं में पैटर्न खोजें तथा पूर्णांकों को घातांक के रूप में व्यक्त करने के लिए नियम बनाएँ। ऐसी स्थिति का अवलोकन करें जो उन्हें समीकरण बनाने के लिए प्रेरित करें तथा समीकरण को उचित विधि द्वारा हल करें। वितरण गुण की समझ के आधार पर दो बीजीय व्यंजकों एवं बहुपदों को गुणा करें तथा विभिन्न बीजगणित सर्वसमिकाओं का मूर्त उदाहरणों द्वारा सामान्यीकरण करें। दो संख्याओं के गुणनफल की समझ के आधार पर उचित क्रियाकलापों द्वारा बीजीय व्यंजकों के गुणनखंड करें। ऐसे संदर्भो का अवलोकन करें जिनमें प्रतिशत का प्रयोग विभिन्न संदर्भो, जैसे – छूट, लाभ, हानि, जी.एस.टी.(GST), साधारण तथा चक्रवृद्धि ब्याज आदि में होता है। बार-बार साधारण ब्याज के रूप में चक्रवृद्धि ब्याज के लिए सूत्र का सामान्यीकरण करें। ऐसी स्थितियों का अवलोकन करें जिनमें एक राशि दूसरी पर निर्भर करती है। वे ऐसी परिस्थितियों को पहचानें जिनमें एक राशि के बढ़ने से दूसरी में भी वृद्धि होती है या एक राशि के बढ़ने से दूसरी घटती है, जैसे – किसी वाहन की गति बढ़ने पर उसके द्वारा तय की जाने वाली दूरी में लगने वाला समय घट जाता है। विभिन्न चतुर्भुजों की भुजाओं तथा कोणों को मापें तथा उनके बीच संबंधों के पैटर्न की पहचान करें। पैटर्न के सामान्यीकरण के आधार पर स्वयं की परिकल्पना का निर्माण करें तथा उनका सत्यापन उचित उदाहरणों द्वारा करें। समांतर चतुर्भुज के गुणधर्मों का सत्यापन करें तथा इनका तार्किक प्रयोग समांतर चतुर्भुज की रचना, उनके विकर्णों की रचना, कोणों तथा भुजाओं के मापन जैसे क्रियाकलापों में करें। परिवेश की 3D वस्तुओं को 2D रूप में प्रदर्शित करें, जैसे - बॉक्स या बोतल का चित्र कागज़ पर बनाना। विभिन्न आकृतियों जैसे घनाभ, घन, पिरामिड, प्रिज्म आदि के जाल (नेट) बनाएँ। नेट से विभिन्न आकृतियाँ बनाएँ तथा शीर्षों, किनारों तथा सतह के बीच संबंध स्थापित करें। ज्यामितीय किट का प्रयोग कर विभिन्न प्रकार के चतुर्भुज बनाएँ। ग्राफ़ पेपर पर समलंब चतुर्भुज तथा अन्य बहुभुज का खाका खीचें तथा इकाई वर्ग को गिनकर अनुमानित क्षेत्रफल ज्ञात करें। त्रिभुज तथा आयत (वर्ग) के क्षेत्रफल की समझ का उपयोग करते हुए समलंब चतुर्भुज के क्षेत्रफल के लिए सूत्र बनाएँ। विभिन्न 3D वस्तुओं, जैसे – घन, घनाभ तथा बेलन की सतहों की पहचान करें। आयत, वर्ग तथा वत के क्षेत्रफल के सत्र का प्रयोग करते हए घन, घनाभ के पृष्ठीय क्षेत्रफल के लिए सूत्र बनाएँ। इकाई घनों की सहायता से घन तथा घनाभ का आयतन ज्ञात करें। आँकड़ों का संग्रहण, उनका वर्ग अंतरालों में सारणीबद्ध करें और दंड आरेख/पाई आरेख के रूप में प्रदर्शित करें। एक जैसे पासे सिक्के को कई बार उछालकर घटनाओं के घटित होने की गणना करें तथा इसके आधार पर भविष्य की घटनाओं के लिए अवधारणा बनाएँ। बार-बार घटित होने वाली घटनाओं के सापेक्ष व्यक्तिगत घटनाओं के घटित होने की गणना द्वारा भविष्य की उसी प्रकार घटनाओं के बारे में पूर्वानुमान लगाएँ। बच्चे परिमेय संख्याओं में योग, अंतर, गुणन, तथा भाग के गुणों का एक पैटर्न द्वारा सामान्यीकरण करते हैं। दो परिमेय संख्याओं के बीच अनेक परिमेय संख्याएँ ज्ञात करते2, 3, 4, 5, 6, 9 तथा 11 से विभाजन के नियम को सिद्ध करते हैं। संख्याओं का वर्ग, वर्गमूल, घन, तथा घनमूल विभिन्न तरीकों से ज्ञात करते हैं। पूर्णांक घातों वाली समस्याएं हल करते हैं। चरों का प्रयोग कर दैनिक जीवन की समस्याएँ तथा पहेली हल करते हैं। बीजीय व्यंजकों को गुणा करते हैं, जैसे (2x-5 ) (3x2+7) का विस्तार करते हैं। विभिन्न सर्वसमिकाओं का उपयोग दैनिक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए करते हैं। प्रतिशत की अवधारणा का प्रयोग लाभ तथा हानि की स्थितियों में छूट की गणना, जी.एस.टी.(GST), चक्रवृद्धि ब्याज की गणना के लिए करते हैं, जैसे – अंकित मूल्य तथा वास्तविक छूट दी गई हो तो छूट प्रतिशत ज्ञात करते हैं अथवा क्रय मूल्य तथा लाभ की राशि दी हो तो लाभ प्रतिशत ज्ञात करते हैं। समानुपात तथा व्युत्क्रमानुपात (direct and inverse proportion) पर आधारित प्रश्न हल करते हैं। कोणों के योग के गुणधर्म का प्रयोग कर चतुर्भुज के कोणों से संबंधित समस्याएँ हल करते हैं। समांतर चतुर्भुज के गुणधर्मों का सत्यापन करते हैं तथा उनके बीच तर्क द्वारा संबंध स्थापित करते हैं। 3D आकृतियों को समतल, जैसे – कागज़ के पन्ने, श्यामपट आदि पर प्रदर्शित करते हैं। पैटर्न के माध्यम से यूलर (Euler's) संबंध का सत्यापन करते हैं। पैमाना (स्केल) तथा परकार के प्रयोग से विभिन्न चतुर्भुज की रचना करते हैं। समलंब चतुर्भुज तथा अन्य बहुभुज के क्षेत्रफल का अनुमानित मान इकाई वर्ग ग्रिड/ग्राफ़ पेपर के माध्यम से करते हैं तथा सूत्र द्वारा उसका सत्यापन करते हैं। बहुभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करते हैं। घनाभाकार तथा बेलनाकार वस्तुओं का पृष्ठीय क्षेत्रफल तथाआयतन ज्ञात करते हैं। दंड आलेख तथा पाई आलेख बनाकर उनकी व्याख्या करते हैं। किसी घटना के पूर्व में घटित होने या पासे या सिक्कों की उछाल के आँकड़ों के आधार पर भविष्य में होने वाली ऐसी घटनाओं के घटित होने के लिए अनुमान लगाते हैं। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों हेतु (गणित) गणित के सीखने के संदर्भ में आने वाली कठिनाइयों से निपटने के लिए, कुछ विद्यार्थियों को स्पर्श संबंधी आवश्यकता हो सकती है, तो दूसरों को ज्यामितीय तथा गणना संबंधी उपकरण की। कुछ विद्यार्थियों को सरल भाषा तथा चित्रों की आवश्यकता होती है। दूसरों को आँकडों, ग्राफ़, सारणी या दंड आलेख द्वारा व्याख्या करने में सहायता की आवश्यकता होती है। कुछ बच्चे ऐसे हो सकते हैं जिन्हें मौखिक निर्देश के व्याख्या की आवश्यकता हो या मानसिक गणना करने में सहायता की आवश्यकता हो। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का उपयोग इन कठिनाइयों को दूर करने तथा अमूर्त चिंतन हेतु किया जा सकता है।विभिन्न अक्षमताओं वाले बच्चों की कुछ विशिष्ट ज़रूरतों का वर्णन नीचे किया जा रहा है जिनकी पूर्ति करके ऐसे बच्चों की मदद की जा सकती है। इससे वे अपने हम उम्र साथियों के साथ सीख सकेंगे और सीखने के अपेक्षित प्रतिफलों को प्राप्त कर सकेंगे।