राष्ट्रीय बाल पुरस्कार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने असाधारण योग्यताओं एवं उत्कृष्ट उपलब्धियों वाले बच्चों को पहचान प्रदान करने हेतु 1996 में यह पुरस्कार शुरू किया। इस पुरस्कार का नाम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार है। नवाचार, शैक्षिक उपलब्धियों, खेल, कला एवं संस्कृति, समाज सेवा तथा बहादुरी के क्षेत्र में असाधारण योग्यताओं तथा उत्कृष्ट उपलबधियों वाले बच्चों को पहचान प्रदान करने के लिए पुरस्कार दिया जाता है। पात्रता क. ऐसे बच्चे जो भारत के नागरिक हैं तथा भारत में रहते हैं, जिनकी आयु 5 साल से अधिक किंतु 18 साल से अधिक न हो (संबंधित वर्ष के 31 अगस्त की स्थिति के अनुसार)। ख. निम्नलिखित में से किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता (ऐसी उपलबधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा जिनसे समाज को लाभ होता है) नवाचार शैक्षिक उपलब्धि खेल कला एवं संस्कृति समाज सेवा बहादुरी राष्ट्रीय बाल कल्याण पुरस्कार - व्यक्तिगत ये पुरस्कार ऐसे व्यक्तियों को दिए जाते हैं जिन्होंने कम से कम सात वर्ष के लिए बाल विकास, बाल संरक्षण और बाल कल्याण के क्षेत्रों में बच्चों की सेवा में उत्कृष्ट योगदान दिया है तथा बच्चों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। पात्रता क. 18 वर्ष से अधिक आयु के भारत के नागरिक तथा भारत में रहने वाले व्यक्ति (संबंधित वर्ष के 31 अगस्त की स्थिति के अनुसार)। ख. निम्नलिखित क्षेत्रों में से किसी एक में न्यूनतम 7 वर्ष का अनुभव (ऐसी उपलब्धियों को प्रोत्साहित किया जाएगा जिनसे समाज को लाभ होता है) बाल कल्याण बाल विकास बाल संरक्षण राष्ट्रीय बाल कल्याण पुरस्कार- संस्थागत ये पुरस्कार ऐसी संस्थाओं को दिए जाते हैं जिन्होंने कम से कम 10 साल से बाल विकास, बाल संरक्षण और बाल कल्याण के क्षेत्रों में से किसी में बच्चों के हित में असाधारण कार्य किया है तथा बच्चों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। पात्रता संस्था सरकार द्वारा पूर्णत : वित्त पोषित नहीं होनी चाहिए। संस्था 10 वर्षों से बाल कल्याण के क्षेत्र में होने चाहिए तथा क्षेत्र में उसका निष्पादन लगातार उत्कृष्ट होना चाहिए। योगदान से बच्चों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव होना चाहिए। टिप्पणी - कोई झूठी सूचना प्रस्तुत करने के लिए आवेदक / व्यक्ति पर कानून के अनुसार उपयुक्त कार्रवाई की जा सकती है। स्त्रोत: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार