इस योजना के अंतर्गत किन पाठ्यक्रमों के लिए कोचिंग प्रदान की जाति है? निम्नोक्त प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों को कोचिंग प्रदान की जाति है :- संघ लोक सेवा आयोग, राज्य संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, बैंकों, रेलवे, बीमा कंपनियों द्वारा आयोजित। इंजीनियरिंग/मेडिकल/एमबीए/विधि पाठ्यक्रम; और रोजगार हेतु फिनिशिंग/रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों के लिए। इस योजना के अंतर्गत वार्षिक पारिवारिक आय सीमा कितनी है? 3.00 लाख रुपए। इस योजना के अंतर्गत लाभ पाने का पात्र कौन है? केवल वे अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े वर्गों के विद्यार्थी पात्र हैं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 3.00 लाख रुपए है। कोचिंग प्राप्त करने वाले एससी और ओबीसी विद्यार्थियों का अनुपात कितना है? कोचिंग प्रदान किए जाने वाले अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों का अनुपात 70:30 है। क्या एससी और ओबीसी विद्यार्थियों के अनुपात को शिथिल किया जा सकता है? जी, हां। मंत्रालय किसी श्रेणी विशेष में अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता या अपर्याप्त उपलब्धता के मामले में ढील दे सकता है। इस योजना के अंतर्गत कितनी बार लाभ उठाया जा सकता है? इस योजना के अंतर्गत कोई विद्यार्थी विशेष दो बार लाभ उठा सकता है। किन्तु इससे अधिक नहीं। क्या उम्मीदवार प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं के लिए कोचिंग लेने के हकदार हैं? जी, हां। यदि परीक्षा दो स्तरों पर आयोजित की जाति है तो अभ्यर्थी दोनों परीक्षाओं के लिए कोचिंग के पात्र होते हैं। तथापि, मेन परीक्षा के लिए कोचिंग प्रिलिमिनरी परीक्षा पास करने पर ही दी जाएगी। संस्थाओं की चयन प्रक्रिया क्या है? सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार कार्यान्वयन एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित करता है। इस योजना के तहत गठित चयन समिति द्वारा प्रस्तावों पर विचार किया जाता है और चयन समिति द्वारा संस्थानों का, कोचिंग प्रदान करने के लिए, चयन किया जाता है। क्या पंजीकृत गैर-सरकारी संस्था और गैर-सरकारी संगठन मंत्रालय को अपने प्रस्ताव सीधे भेज सकते हैं? जी, नहीं। उनसे यह अपेक्षा की जाति है कि वे प्रस्ताव राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के माध्यम से प्रस्तुत करें, जो उसे अपनी सिफारिशों के साथ मंत्रालय को अग्रेषित करेगा। कोचिंग संस्थाओं का चयन कितनी अवधि के लिए किया जाता है? 3 वर्ष के लिए। तथापि, सूचीबद्ध संस्थानों का अवधि के नीवकरण पर प्रत्येक वर्ष चयन समिति द्वारा विचार किया जाना होता है। वित्तपोषण की पद्धति क्या है? इस योजना को केन्द्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में मानते हुए, समस्त धनराशि का वित्त-पोषण भारत सरकार द्वारा किया जाता है। क्या इस योजना के अंतर्गत निधियों का 'राज्य-वार आवंटन' किया किया जाता है? जी, नहीं। सहायता अनुदान किसे जारी किया जाता है? विद्यार्थियों के लिए वजीफे की राशि सहित, सहायता अनुदान सीधे संबंधित संस्थानों/केन्द्रों को जारी कर दिया जाता है। संस्थाओं को सहायता अनुदान कैसे जारी किया जाता है? इसे संबंधित वर्ष के लिए दो किस्तों में संबंधित संस्थान को जारी किया जाता है। क्या संगठनों को, एक बार पैनल पर रखने के बाद, तीन वर्ष की समग्र अवधि के लिए निधियां जारी की जाति हैं? जी, हां। तथापि, एक वर्ष बाद धनराशि उन सूचीबद्ध संगठनों को जारी नहीं की जाति हैं, जिन्होंने संतोषजनक कार्य-निष्पादन नहीं दर्शाया है। साथ-ही, प्रत्येक वर्ष सूचीबद्ध संस्थानों का नवीकरण करना अपेक्षित होता है। शुल्क संरचना क्या है? मोटे तौर पर वित्तीय सहायता निम्नलिखित होती है :- क्रम सं. पाठ्यक्रम का नाम अवधि (न्यूनतम महीनों में) प्रति अभ्यर्थी को कोचिंग फीस की अधिकतम सीमा (रुपए में) 1. सिविल सर्विस (प्रिलिमिनरी)/राज्य सिविल सेवा (प्रिलिमिनरी) 5 20,000 2. सिविल सेवा (मेन)/राज्य सिविल सेवा (मेन) 4 20,000 3. इंजीनियरिंग, मेडिकल, एमबीए और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा 4 20,000 4. यूपीएससी, राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित अन्य समूह 'क' और 'ख' परीक्षाएं, एसएससी और राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित समूह 'ख' परीक्षाएं। 4 15,000 5. बैंकों, एलआईसी, जीआईसी, पीएसयू में भर्ती के लिए अधिकारी ग्रेड परीक्षाएं 4 15,000 6. फिनिशिंग जॉब पाठ्यक्रम 3 चयन समिति द्वारा यथा-निर्णीत विद्यार्थियों का कोचिंग के लिए कौन चयन करता है? विद्यार्थियों का चयन केन्द्र/राज्य सरकारों, संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों, केन्द्रीय/राज्य विश्वविद्यालयों और पंजीकृत निजी संस्थानों/गैर-सरकारी संगठनों द्वारा संचालित संस्थानों द्वारा किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले अन्य लाभ क्या हैं? वित्तीय सहायता के अतिरिक्त, वजीफा प्रत्येक विद्यार्थी को मासिक आधार पर दिया जाता है। वजीफे की दर क्या है? स्थानीय विद्यार्थियों के लिए वजीफे की दर 1500/- रुपए प्रति माह प्रति विद्यार्थी है और बाह्य विद्यार्थियों के लिए यह दर 3000/- रुपए प्रति माह प्रति विद्यार्थी है। पिछले तीन वर्षों के दौरान आवंटित की गई निधियों, जारी की गई निधियों और लाभार्थियों का ब्यौरा दें? वर्ष बजट आवंटन जारी निधि (करोड़ रुपए में) लाभार्थियों की संख्या 2012-13 12.00 5.38 5765 2013-14 12.00 8.94 4400 2014-15 12.00 8.14 6176 2015-16 12.24 6.82 4300 स्त्रोत: सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय