योजना का उद्देश्य इस योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को सशक्त बनाना और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है ताकि सरकारी और निजी नौकरियों में उनकी भागीदारी में सुधार आए।यह योजना अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को चयनित कोचिंग संस्थानों में नि:शुल्क कोचिंग के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना का उद्देश्य निम्नलिखित के लिए विशेष कोचिंग द्वारा अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित विद्यार्थियों को सहायता प्रदान करना है: इंजीनियरिंग, विधि, चिकित्सा, प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी इत्यादि जैसे तकनीकी/ व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए अर्हक परीक्षाएं और विदेशी विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए भाषा/ अभिवृत्ति परीक्षाएं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बैंक, बीमा कंपनियों के साथ-साथ स्वायत्त निकायों सहित केंद्र एवं राज्य सरकारों के अंतर्गत समूह ‘क’ ‘ख’ और ‘ग’ सेवाओं तथा समतुल्य पदों की भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं। कार्यान्वयन एजेंसियां और पात्रता (क) इस योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित प्रकार के संस्थान पात्र होंगे: विश्वविद्यालयों और स्वायत निकायों सहित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए व्यावसायिक कोचिंग में लगे सरकारी क्षेत्र के सभी संस्थान। मानद विश्वविद्यालयों सहित कोचिंग/ प्रशिक्षण कार्यकलापों में लगे निजी क्षेत्र के विश्वविद्यालय/ कॉलेज। सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1960 के अधीन पंजीकृत और व्यावसायिक कोचिंग में लगे न्यास, कंपनियां, साझेदारी फर्मे या सोसायटियां। (ख) पात्र संगठनों की पूर्व निर्धारित बिंदु आधारित तंत्र के आधार पर अनिवार्य मानदंड के लिए छानबीन की जाएगी जिसके बाद एक अंतर-मंत्रालयी चयन समिति के सामने प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। इस योजना के अधीन वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंड होगा: संस्थानों के पास उनके वेतन रोल पर अथवा अंशकालिक आधार पर अपेक्षित संख्या में योग्य संकाय सदस्य होने चाहिए। संस्थानों के पास कोचिंग कक्षाएं चलाने के लिए परिसर, पुस्तकालय, अपेक्षित उपकरण इत्यादि जैसी आवश्यक अवसंरचना होनी चाहिए। संस्थानों के पास संगत पाठ्यक्रम के लिए कोचिंग प्रदान करने का अनुभव होना चाहिए। कोचिंग संस्थानों में 15% न्यूनतम सफलता दर होनी चाहिए। प्रक्रिया का विवरण अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा इस योजना का व्यौरा विज्ञापित कराया जाएगा और कोचिंग/ प्रशिक्षण संस्थानों से प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएँगे। 2013-14 के लिए चयनित संस्थानों को 12वीं पंचवर्षीय योजना की शेष अवधि (चार वर्ष) अर्थात 2016-17 तक पैनल में शामिल किया जाएगा। पात्र संगठनों की पूर्व निर्धारित बिंदु आधारित तंत्र के आधार पर अनिवार्य मानदंड के लिए छानबीन की जाएगी जिसके बाद एक अंतर-मंत्रालयी चयन समिति के सामने प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। सरकारी क्षेत्र के संस्थान निर्धारित प्रपत्र में अपने प्रस्ताव सीधे अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को भेज सकते है जबकि गैर-सरकारी संगठनों सहित निजी क्षेत्र के संगठन अपने प्रस्ताव अनिवार्य मानदंड के लिए निर्धारित प्रपत्र में और बिंदु आधारित प्रणाली के अनुसार संबंधित राज्य सरकार/ संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। सभी प्रस्तावों की चाहे सरकारी संस्थान हों या निजी संस्थान, अनिवार्य मानदंड के लिए पूर्व-निर्धारित बिंदु आधारित तंत्र के आधार पर छानबीन की जाएगी और चयन समिति के सामने प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। (iv) चयन समिति में निम्नलिखित सदस्य होंगे: अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का संबंधित संयुक्त सचिव – अध्यक्ष निदेशक/ उप सचिव (वित्त) - सदस्य मानव संसाधन विकास मंत्रालय का प्रतिनिधि - सदस्य विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का प्रतिनिधि - सदस्य शैक्षिक संस्थानों के प्रतिनिधि - सहयोजित सदस्य निदेशक/ उप सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय - संयोजक पात्रता मानदंड अभ्यर्थी को वांछित पाठ्यक्रमों/भर्ती परीक्षाओं में दाखिले के लिए निर्धारित अर्हक परीक्षा में अंकों की अपेक्षित प्रतिशतता प्राप्त की होनी चाहिए। इस योजना के अंतर्गत केवल अल्पसंख्यक समुदायों से सम्बद्ध अभ्यर्थी ही पात्र होंगे, जिनके परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 3.00 लाख रु0 से अधिक न हो। इस योजना के तहत किसी विद्यार्थी विशेष द्वारा कोचिंग/प्रशिक्षण का लाभ केवल एक बार ही उठाया जा सकता है, चाहे वह किसी प्रतियोगी परीक्षा विशेष के लिए कितने अवसरों के लिए पात्र हो। कोचिंग/प्रशिक्षण संस्थान को विद्यार्थी से एक शपथ-पत्र लेना अपेक्षित होगा कि उसने इस योजना के तहत पहले कोई लाभ नहीं लिया है। इस योजना के तहत शामिल किए गए छात्रों को सभी कक्षाओं में उपस्थित रहना होगा। यदि कोई विद्यार्थी किसी वैध कारण के बिना 15 दिन से अधिक तक अनुपस्थित रहता है या कोचिंग/प्रशिक्षण को बीच में छोड़ देता है तो उस अभ्यर्थी पर किया गया पूरा खर्च संबंधित संस्थान/विद्यार्थी/अभ्यर्थी से वसूल किया जाएगा। कोचिंग/प्रशिक्षण के लिए स्वीकृत विद्यार्थियों की संख्या में से 30% स्थान छात्राओं/ बालिका अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित किया जाएगा। वित्त-पोषण इस योजना के अंतर्गत चयनित कोचिंग संस्थानों को 100% वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। मंत्रालय द्वारा विद्यार्थियों/ अभ्यर्थियों के भरण-पोषण के लिए वृतिका प्रदान की जाएगी। वित्तीय सहायता की दरों के ब्यौरे नीचे दिए गए है: क्र.सं. कोचिंग/ प्रशिक्षण की किस्म प्रति अभ्यर्थी कोचिंग/ प्रशिक्षण की फ़ीस प्रतिमाह वृत्तिका की राशि 1 समूह ‘क’ सेवाएँ संस्थान द्वारा यथानिर्धारित किन्तु अधिकतम 20,000 रु0 तक। बाहरी छात्रों के लिए 3,000 रु0 स्थानीय छात्रों के लिए 1,500 रु0। 2 समूह ‘ख’ सेवाएँ संस्थान द्वारा यथानिर्धारित किन्तु अधिकतम 20,000 रु0 तक। - वही - 3 समूह ‘ग’ सेवाएँ संस्थान द्वारा यथानिर्धारित किन्तु अधिकतम 15,000 रु0 तक। - वही - 4 तकनीकी/ व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा संस्थान द्वारा यथानिर्धारित किन्तु अधिकतम 20,000 रु0 तक। - वही - 5 निजी क्षेत्रों में नौकरियों के लिए कोचिंग/ प्रशिक्षण संस्थान द्वारा यथानिर्धारित किन्तु अधिकतम 20,000 रु0 तक। - वही - मंत्रालय द्वारा जारी की गई सहायता-अनुदान की राशि इलेक्ट्रानिक अंतरण के जरिए सीधे संस्थान के खाते में जमा करायी जाएगी। सहायता-अनुदान सामान्य वित्तीय नियमावली में और मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानदंडो के अनुसार जारी किया जाएगा। चयनित संस्थानों को धनराशि दो समान किस्तों में जारी की जाएगी। (क) मंत्रालय जैसे ही परियोजना आबंटित करता है तभी वृत्तिका की 50% राशि के साथ परियोजना राशि के 50% की पहली क़िस्त कोचिंग संस्थानों को जारी की जाएगी। (ख) कोचिंग संस्थानों द्वारा जैसे ही कोचिंग कार्यक्रम शुरू किया जाता है, उन्हें परियोजना के बारे में कार्यक्रम की शुरुआत और समाप्ति की केंद्र-वार तारीखों की सूचना जिला प्राधिकारियों को देनी चाहिए और उनसे उनका तत्काल निरीक्षण करने का अनुरोध करना चाहिए। जिला प्राधिकारी कोचिंग कार्यक्रम के पूरा होने की तारीख से अंतिम पखवाड़े से पहले परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे। (ग) जैसे ही निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होती है, वृत्तिका की शेष 50% राशि के साथ परियोजना राशि के 50% की दूसरी क़िस्त जारी की जाएगी। एक वित्तीय वर्ष में केवल एक निरीक्षण किया जाएगा। (घ) यदि कोचिंग संस्थानों द्वारा अग्रिम सूचना दिए जाने पर भी जिला प्रशासन द्वारा निरीक्षण नहीं किया जाता है तो मंत्रालय कोचिंग कार्यक्रमों के निरीक्षण के लिए मंत्रालय के पदाधिकारियों/प्राधिकृत एजेंसी को भेजेगा। (ड.) चल रहे मामलों में जहाँ पहली क़िस्त जारी करने के समय राज्य/संघ राज्य सरकार या मंत्रालय द्वारा पहले ही निरीक्षण किया जा चुका है वहाँ दूसरी क़िस्त जारी करने के समय फिर से निरीक्षण आवश्यक नहीं होगा बशर्ते कि कार्यान्वयन संगठन द्वारा जीएफआर के अधीन सभी अपेक्षित दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए हों। (च) भारत सरकार के पास केंद्र सरकार/राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन अथवा मंत्रालय द्वारा विनिर्दिष्ट किसी अन्य एजेंसी द्वारा संगठन का निरीक्षण करने के पश्चात परवर्ती वर्षो में निधियां जारी करने का अधिकार सुरक्षित है। भारत सरकार परवर्ती वर्षो में निरीक्षण कराने के लिए यह अधिकार अनन्य रूप से सुरक्षित रखती है। कोचिंग संस्थानों द्वारा पालन की जाने वाली निबंधन और शर्तें जैसे ही स्वीकृति जारी की जाती है तो संस्थान के लिए अल्पसंख्यक समुदायों से पत्र विद्यार्थियों/ अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित करने के लिए स्थानीय भाषा को वरीयता देते हुए स्थानीय समाचार पत्र, केवल टीवी चैनलों आदि में विज्ञापन देना अपेक्षित होगा। संस्थान अल्पसंख्यक बालिका विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए महिला स्टाफ को आमंत्रित करते हुए विशेष प्रयास करेगा। कोचिंग के लिए चुने गए छात्रों के नाम, पता, समुदाय, लिंग और वार्षिक आय जैसे विवरण निर्धारित प्रपत्र में 30 दिन के भीतर सीधे मंत्रालय को प्रस्तुत कर देने चाहिए। संस्थान कोचिंग कार्यक्रम के लिए दाखिल किए गए अभ्यर्थियों के नाम, पता, दूरभाष संख्या, ई-मेल आईडी (यदि उपलब्ध हो) के पूरे विवरण के साथ प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) तैयार करेगा और यह सूचना मंत्रालय को सूचित करेगा। संस्थान दाखिल किए गए प्रत्येक अभ्यर्थी के फोटो, आयु, लिंग, शैक्षिक अर्हताएँ, कोई सरकारी पहचान संख्या, बैंक खाता संख्या आदि जैसे पूरे विवरण के साथ रिकार्ड रखेगा। वृत्तिका के रूप में देय स्वीकार राशि इलेक्ट्रोनिक अंतरण के माध्यम से मासिक आधार पर सीधे अभ्यर्थियों के बैंक खाते में अदा की जाएगी। मंत्रालय द्वारा जारी की गई निधियों के लिए संस्थान द्वारा अलग खाता रखा जाएगा और जब कभी निरीक्षण के लिए मंगाया जाएगा तो अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को यह खाता उपलब्ध कराया जाएगा। संस्थान, इन निधियों का उपयोग केवल विशिष्ट प्रयोजनों के लिए ही करेंगे। अनुदानग्राही संस्थान एक वचन देगा कि इस शर्त के उल्लंघन में काम करने की दशा में, वह प्राप्त की गई राशि को 18% दण्ड ब्याज सहित वापस करेगा और सरकार द्वारा आवश्यक मानी गई किसी अन्य कार्रवाई का भी सामना करेगा। कोचिंग/ प्रशिक्षण संस्थान को छात्र से इस आशय का एक शपथ-पत्र भी लेना होगा कि उसने इस योजना या सरकार द्वारा वित्त पोषित किसी अन्य योजना के अंतर्गत कोई लाभ नहीं लिया है। संस्थान का अध्यक्ष/ सचिव/ चेयरमैन अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित निबंधनों और शर्तों को स्वीकार करते हुए एक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेगा और इस योजना के वास्तविक कार्यान्वयन के लिए तथा स्वीकृत किए गए अनुदान का हिसाब-किताब देने के लिए जिम्मेदार सक्षम प्राधिकारी के नाम से एक बांड दो जमानितियों के साथ प्रस्तुत करेगा। संस्थान, यह सुनिश्चित करने के लिए खुद जिम्मेदार होगा कि केवल मेधावी छात्रों को ही कोचिंग/ प्रशिक्षण के लिए प्रवेश दिया गया है। ईसीएस, आरटीजीएस, एनआईएफटी, टीटी सिस्टम के माध्यम से सोसायटियों/ गैर-सरकारी संगठनों/संस्थानों आदि के खातों में सीधे ई-पेमेंट के लिए आदाता द्वारा प्राधिकार पत्र उपलब्ध कराया जाएगा जिसमें ई-पेमेंट संबंधी पूरे ब्यौरे अर्थात-आदाता का नाम, बैंक आईएफसी कोड नं0, बैंक शाखा नं0, बैंक शाखा का नाम एवं पता आदि का उल्लेख होगा। प्राधिकार पत्र पर संबद्ध बैंक शाखा के प्रबंधन द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किए जाएं ताकि गलत खाता संख्या का प्रयोग न हो। पूरे वित्त वर्ष के लिए अथवा वर्ष के दौरान खाता सं0 बदले जाने तक केवल एक प्राधिकार पत्र ही अपेक्षित होगा। प्राधिकार-पत्र का प्रोफार्मा संलग्न है। चयनित संस्थान को अनुमोदित कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्वयं के संसाधनों का उपयोग करने का इच्छुक होना चाहिए। संस्थान यह सुनिश्चित करने के लिए कर्त्तव्यबद्ध होंगे कि निधियों को जारी करने में यदि कोई विलम्ब हो तो उसके कारण न तो कोचिंग कार्यक्रम में कोई बाधा आए और न ही दाखिला प्राप्त अभ्यर्थियों को वृत्तिका के भुगतान में कोई बाधा आए। कोचिंग कार्यक्रम के पूरा होने पर संस्थान निर्धारित प्रपत्र में अभ्यर्थियों के विवरण, उपयोग प्रमाण और किसी चार्टर्ड एकाउंटेंट, जो भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के पैलन पर हो, द्वारा प्रमाणित लेखा-परीक्षित खाते निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को प्रस्तुत करेगा: विस्तार से प्रपत्रों की जानकारी के लिए नीचे दी गयी विभाग के लिंक पर जाएँ - स्त्रोत: अल्पसंख्यक कार्यों के मंत्रालय, भारत सरकार