शहीद उधम सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संस्कृत सुभाषितम् “महान क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह को उनके बलिदान दिवस पर सादर नमन। हिम्मत और हौसले से भरी उनकी जीवनगाथा देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्रेरित करती रहेगी। न जातु शौर्यं पुरुषस्य भानुरस्तं गतो भवति कदापि शश्वत्। यथा पुनस्तपति दिवाकरोऽयं तथा पुनर्विक्रमते स वीरः॥”