संस्कृत सुभाषितम्, प्रतिभायाः समृद्ध्यर्थं समीचीनवातावरणस्य, मार्गदर्शनस्य, पोषणस्य च महत्त्वं प्रकाशयन् "सच्ची प्रतिभा को जब सकारात्मक परिवेश मिलता है तो उससे अद्भुत ऊर्जा का संचार होता है। इससे जहां प्रयासों में सफलता मिलती है, वहीं जीवन भी सार्थक बनता है। पात्रविशेषे न्यस्तं गुणान्तरं व्रजति शिल्पमाधातुः। जलमिव समुद्रशुक्तौ मुक्ताफलतां पयोदयस्य॥" Source:PIB