समाजप्रगतेः कृते सामूहिकसंकल्पस्य, एकतायाः, परस्परसहकार्यस्य च शक्तिं प्रकाशयन् संस्कृतसुभाषितम् "सामूहिक संकल्प और एकता की शक्ति से ही देश आगे बढ़ता है। यही भावना भारत की प्रगति और समृद्धि की मजबूत नींव है। समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः। समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति॥"